क्या पाकिस्तान टूटने की कगार पर पहुंच गया है? शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के सामने एक साथ कई मोर्चों पर संकट गहराता नजर आ रहा है. बलूचिस्तान में अलगाववादी गतिविधियां, खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ती चुनौतियां, सिंध से उठती अलगाव की आवाज और आर्थिक संकट ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
Operation Sindoor: भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में भारी नुकसान झेलने के बाद, पाक आर्मी ने सैनिकों का हौसला बढ़ाने के लिए सैलरी 25% और भत्ते तीन गुना बढ़ा दिए हैं. वहीं, नाकामी के बावजूद जनरल असीम मुनीर पहले ही खुद को फील्ड मार्शल बता चुके है.
जिनेवा में ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली शांतिवार्ता के दौरान आसिम मुनीर की हत्या की प्लानिंग मोसाद ने बना ली थी. इस बात का दावा ब्राजील के एक पत्रकार ने किया.
ईरान-अमेरिका के युद्ध के बीच बीते कुछ सालों में तेजी से बदलती हुई वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए जनरल (रिटायर्ड) नरवणे ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं कोई नई बात नहीं हैं. सेना और अन्य सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण पर उन्होंने कहा कि यह एक सतत प्रक्रिया है जो कभी समाप्त नहीं होती.
Manzoor Pashteen: पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) के प्रमुख मंजूर पश्तीन ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर को खुली धमकी दी थी, जो एक बार फिर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. उन्होंने 1971 के बांग्लादेश युद्ध का हवाला देते हुए कहा था कि जनरलों ने इतिहास से नहीं सीखा. पश्तीन के मुताबिक, बंगालियों ने जनरलों की पैंट उतारी थी, लेकिन पश्तून और बलूच मिलकर उनकी जिंदा खाल उधेड़ देंगे.
DNA: महाकवि रहीम ने कहा था- 'रहिमन ओछे नरन सों, बैर भली ना प्रीत, काटे चाटे स्वान के, दोउ भांति विपरीत.' इस दोहे का मतलब ये है कि बुरे और जहरीले स्वभाव वाले लोगों से न दोस्ती अच्छी है और न दुश्मनी. बुरे स्वभाव और नीयत वाले लोग हर हाल में नुकसान ही पहुंचाते हैं. पाकिस्तानी नेताओं और फौजी जनरलों सब पर ये बात सटीक बैठती है.
Mohammad Bagher Ghalibaf-Asim Munir: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संदेश लेकर तेहरान पहुंचे पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को ईरान की कड़ी फटकार झेलनी पड़ी. ईरान के संसद अध्यक्ष ने मुनीर को दोटूक सुनाते हुए अमेरिका की वकालत बंद करने को कहा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने दोबारा युद्ध की मूर्खता की, तो अंजाम भयानक होगा.
ईरान जंग के बीच पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर, तेहरान गए हैं. इसको इस बात का पुख्ता संकेत माना जा रहा है कि जल्द ही अमेरिका के साथ किसी शांति समझौते का मसौदा तैयार हो सकता है.
US Iran Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थता में सक्रिय हो गया है. पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर के तेहरान दौरे की चर्चा है, जहां वे शांति वार्ता और कूटनीतिक बातचीत के तहत ईरानी अधिकारियों से अहम मुलाकात कर सकते हैं.
Asim Munir on Operation Sindoor Ceasefire: पाकिस्तान के आर्मी चीफ Asim Munir ने दावा किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत ने अमेरिका के जरिए सीजफायर की मांग की थी, लेकिन अमेरिकी FARA रिकॉर्ड्स ने दिखाया कि उसी समय पाकिस्तान वॉशिंगटन में बड़े स्तर पर लॉबिंग कर रहा था. इस बीच बता दें कि पीएम मोदी सरकार ने उस समय कहा था कि संघर्ष विराम DGMO स्तर की बातचीत से हुआ और किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी.
US-Iran conflict: ईरान- अमेरिकी जंग में सीज़फ़ायर का बुधवार को आखिरी दिन है. इसके बावजूद ईरान के साथ दूसरे राउंड की बातचीत के लिए US वाइस प्रेसिडेंट JD वैन्स का पाकिस्तान दौरा रोक दिया गया है, जबकि ट्रम्प ने संकेत दिए हैं कि सीज़फ़ायर बढ़ाया जाएगा ताकि ईरान को एक प्रस्ताव लाने के लिए और समय मिल सके. वहीँ, ईरान ने कहा कि उसने अभी तक यह तय नहीं किया है कि अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करनी है या नहीं?
असीम मुनीर को लेकर अमेरिका में मतभेद बढ़ रहे हैं. ट्रंप जहां उन्हें अपना पसंदीदा जनरल बताते हैं, वहीं खुफिया एजेंसियां उनके ईरान कनेक्शन को लेकर सतर्क हैं. क्या मुनीर अमेरिका के लिए सहयोगी हैं या खतरा?
आज बात उस पावर गेम की जिसने दुनिया के नक्शे पर हलचल मचा दी है. पाकिस्तान के दो सबसे बड़े चेहरे शहबाज़ शरीफ़ और आसिम मुनीर एक साथ दो मिशन पर निकले हैं, लेकिन रास्ते जुदा हैं. एक रियाद की गलियों में नए रिश्तों की तलाश में हैं, तो दूसरे तेहरान में अमेरिका का परवाना लेकर अमन की बात करने गये हैं. क्या ये पाकिस्तान की मजबूरी है या कोई सोची-समझी चाल?
Iran-US Delegation: इस्लामाबाद में पाकिस्तान और ईरान की शांति वार्ता होनी है. दोनों देशों के डेलिगेशन पाकिस्तान पहुंच गए हैं. लेकिन मुनीर के ड्रेस कोड को लेकर चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. आखिर इसके पीछे की वजह क्या है?
Pakistan Nobel Demand For US Iran Ceasefire: पाकिस्तान की पंजाब असेंबली में शहबाज शरीफ, आसिम मुनीर और इशाक डार को नोबेल शांति पुरस्कार देने का प्रस्ताव पेश किया गया है. दावा है कि तीनों ने मिडिल ईस्ट तनाव कम करने में भूमिका निभाई, जिससे पाकिस्तान खुद को ‘ग्लोबल पीसमेकर’ के रूप में पेश कर रहा है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ईरान और अमेरिका के बीच होने वाले सीजफायर में खुद की छवि सुधारने में लगे हुए हैं. यहां तक कि शहबाज-मुनीर के कुछ करीबी लोग और पत्रकारों ने तो उन्हें नोबेल पीस प्राइस देने की मांग कर डाली है. दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान और वो सभी लोग जो नोबेल की मांग कर रहे हैं, अपनी पुरानी करतूतें भूल चुके हैं?
Pakistani Challenge Asim Munir: रमजान के दौरान पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में एयर स्ट्राइक की, जिसमें नागरिकों की मौत का आरोप लगा. काबुल ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया. पाकिस्तान ने TTP ठिकानों पर कार्रवाई का दावा किया. देश में आसिम मुनीर की आलोचना बढ़ी और भारत पर बयानबाजी को लेकर बहस तेज हो गई.
Asim Munir Munich: जर्मनी में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर को प्रवेश पर सुरक्षा अधिकारी ने पहचान पत्र दिखाने को कहा जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इस बीच जेय सिंध मुत्तहिदा महाज ने उनकी भागीदारी का विरोध करते हुए मानवाधिकार मुद्दे उठाए.
ନୂଆଦିଲ୍ଲୀ: ପାକିସ୍ତାନର ରାଜଧାନୀ ଇସଲାମାବାଦରେ ହୋଇଥିବା ଆତଙ୍କବାଦୀ ଆକ୍ରମଣରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଶାହବାଜ ସରିଫ ଏବଂ ସେନା ମୁଖ୍ୟ ଅସୀମ ମୁନିରଙ୍କ ଭୂମିକା ଉପରେ ପ୍ରଶ୍ନ ଉଠାଯାଉଛି। ସଂସଦରେ ଆତଙ୍କବାଦୀ ଆକ୍ରମଣ ଉପରେ ଆଲୋଚନା ସମୟରେ ପ୍ରତିରକ୍ଷା ମନ୍ତ୍ରୀ ଖୱାଜା ଆସିଫ ଉଭୟଙ୍କୁ ସମାଲୋଚନା କରି କହିଛନ୍ତି ଯେ ପାକିସ୍ତାନ ବର୍ତ୍ତମାନ ଭାରତ, ଆଫ
Asim Munir daughter marriage: पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल जनरल असीम मुनीर ने अपने भतीजे से अपनी बेटी माहनुर की शादी करवाई है. कई पाकिस्तानी पत्रकारों ने पुष्टि की है कि मुनीर ने अपने बड़े भाई के बेटे से ही अपनी बेटी का निकाह पढ़वाया है.
Asim Munir: जेएसएमएम चेयरमैन शफी बुरफत ने पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज असीम मुनीर की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी पदोन्नति पेशेवर काबिलियत नहीं, बल्कि सैन्य शक्ति का प्रतीक है. बुरफत ने मुनीर के बयान को राजनीति विज्ञान की गलतफहमी करार दिया और कहा कि ऐसे नेता संस्थागत गिरावट का संकेत होते हैं न कि देश निर्माण के.
ନୂଆଦିଲ୍ଲୀ: ପାକିସ୍ତାନ ଏବଂ ତାଙ୍କ ନିଜ ହ୍ରାସ ପାଉଥିବା ପ୍ରତିଷ୍ଠାକୁ ଉଦ୍ଧାର କରିବା ପାଇଁ ପାକିସ୍ତାନୀ ସିଡିଏସ୍ ଏବଂ ସେନା ମୁଖ୍ୟ ଅସୀମ ମୁନିର ଏବେ ଆଫଗାନିସ୍ତାନ ବିରୁଦ୍ଧରେ କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ପାଇଁ ପ୍ରସ୍ତୁତ ହେଉଛନ୍ତି। ଡିସେମ୍ବର 10 ତାରିଖରେ ଇସଲାମାବାଦରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ଜାତୀୟ ଉଲେମା ସମ୍ମିଳନୀରେ ତାଙ୍କ ଭାଷଣରେ ମୁନିରଙ୍କ ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟର ଏକ