Pankaj Ramendu

पृथ्वी दिवस मत मनाइए बल्कि खुद को बचाइए

पृथ्वी दिवस मत मनाइए बल्कि खुद को बचाइए

दिल्ली के द्वारका में रहने वाले लोगों ने पृथ्वी दिवस के ठिक एक दिन पहले एक रैली निकाली. रैली का उद्देश्य था भारत वंदना वन बचाओ अभियान.

संस्कृति-सभ्यता रटते तोते पानी नहीं बचा सकते

संस्कृति-सभ्यता रटते तोते पानी नहीं बचा सकते

एक आदमी था एक बार उसने तीन तोते पाले. बचपन से ही उनको शास्त्र, गणित, साइंस सब कुछ सिखाया, यहां तक कि राजनीति भी सिखाई. जब तोते बड़े हुए तो इन सब विषयों की चर्चा करने लगे. वे महापंडित हो गए थे.

World water day 2019: रोटी के दाम चुकाती धरती

World water day 2019: रोटी के दाम चुकाती धरती

देश की एक नामी गिरामी आटा बेचने वाली कंपनी अपने विज्ञापन में एक खास बात जरूर बोलती है. ‘मध्यप्रदेश के चुनिंदा जगहों के गेंहू से बना हुआ शुद्ध फलाना आटा.

औरत और पानी सिर्फ ‘ज़रूरत’ की निशानी

औरत और पानी सिर्फ ‘ज़रूरत’ की निशानी

सुबह के पाचं बज रहे हैं. सूरज को भी निकलने में आलस आ रहा है. इसलिए इछावर के दिवड़िया में अभी तारे ही टिमटिमा रहे हैं. अचानक बज उठे अलार्म ने योगिता की नींद खोल दी है.

अयोध्याज राम टेंपल इन कोर्ट: अदालत में मंदिर और मस्जिद

अयोध्याज राम टेंपल इन कोर्ट: अदालत में मंदिर और मस्जिद

‘अदालत के चक्कर ‘ ये एक ऐसी कहावत है ना जिसे अनुभव करने वाले ही नहीं  सुनने वाले के अंदर सिहरन भी एक सिहरन सौ दौड़ जाती है.

क्या गंगा एक ‘बाथटब’ है?

क्या गंगा एक ‘बाथटब’ है?

‘कानपुर बराज में ऑफिस में बैठे अधिकारी के पास फोन आया, “सर वो..सर वो दी वीआईपी फंस गए हैं.“ फोन ने पूरे ऑफिस में अफरा तफरी का माहौल बना दिया.

चंदा मामा बहुत दूर के

चंदा मामा बहुत दूर के

एक बार एक मां अपने बच्चे को लेकर एक संत के पास पहुंची.

Opinion: मुझे गंगा के प्रति न प्यार है, न श्रद्धा बल्कि नफरत है

Opinion: मुझे गंगा के प्रति न प्यार है, न श्रद्धा बल्कि नफरत है

भारत में गंगा नदी की तरह नहीं, विचारों की तरह बहती है, संस्कारों की तरह बहती है. इस नदी के किनारे जो भी बसा, उसे इस नदी ने भरपूर दिया.

बिरजू और शंभू को ‘हल’ दीजिए

बिरजू और शंभू को ‘हल’ दीजिए

मदर इंडिया में बिरजू का बाप अपने दूध पीते बच्चे और जवान बीवी को छोड़ कर चला गया और बाद में उसका बेटा जब कुछ नहीं कर पाया तो डाकू बन गया.